उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद सेंगर की बेटी और पीड़िता आमने-सामने
नई दिल्ली: उन्नाव रेप केस एक बार फिर देश की सुर्खियों में है। दिल्ली हाई कोर्ट से दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को मिली अंतरिम राहत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद कानूनी और जुबानी जंग तेज हो गई है। इस बीच, पीड़िता और कुलदीप सेंगर की बड़ी बेटी ऐश्वर्या सेंगर के बयानों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।
11 जनवरी को जंतर-मंतर पर ‘क्षत्रिय सम्मेलन’? पीड़िता का बड़ा दावा
पीड़िता ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर की बेटियों द्वारा 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्षत्रिय सम्मेलन बुलाने की बात कही जा रही है।
पीड़िता ने भावुक अपील करते हुए कहा: “हम भी क्षत्रिय समाज से हैं और गरीब हैं। समाज को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए। आप सब गरीब समाज की बेटी की आवाज बनिए और हमारा साथ दीजिए।” पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर सेंगर के समर्थकों द्वारा उसे और उसके पति को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
ऐश्वर्या सेंगर का पलटवार: “सच एक दिन सामने आएगा”
दूसरी तरफ, कुलदीप सेंगर की बड़ी बेटी ऐश्वर्या सेंगर अपने पिता के बचाव में मजबूती से खड़ी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया इंटरव्यू के जरिए पीड़िता के दावों पर सवाल उठाए हैं। ऐश्वर्या ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया।
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2022 चुनाव का जिक्र: ऐश्वर्या ने कहा कि दिल्ली में बैठकर राजनीति करने वालों को उन्नाव की जनता ने पहले ही जवाब दे दिया है। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का हवाला दिया, जिसमें कांग्रेस ने पीड़िता की मां को टिकट दिया था, लेकिन उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
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दलील: उनका कहना है कि सच को चाहे जितना दबाया जाए, वह एक दिन सबके सामने आ ही जाता है।
कौन हैं ऐश्वर्या सेंगर?
ऐश्वर्या सेंगर पेशे से वकील हैं और कानूनी मोर्चे पर भी अपने पिता का पक्ष रख रही हैं। उनकी पृष्ठभूमि कुछ इस प्रकार है:
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शिक्षा: उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से फिलॉसफी में ग्रेजुएशन किया है।
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कानूनी पढ़ाई: इसके बाद उन्होंने डीयू की फैकल्टी ऑफ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की।
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ऐश्वर्या लगातार यह दावा करती रही हैं कि उनके पिता के पास बेगुनाही के पुख्ता सबूत (जैसे CDR लोकेशन) हैं, जिन्हें अनदेखा किया गया है।
क्या है ताजा कानूनी स्थिति?
बता दें कि दिसंबर 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी, जिसका मतलब है कि कुलदीप सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेंगे। अदालत ने इस मामले में सीबीआई और पीड़िता की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सेंगर को नोटिस भी जारी किया है।
उन्नाव कांड में एक तरफ कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है, तो दूसरी तरफ ‘सोशल मीडिया वॉर’ और ‘जातीय सम्मेलन’ की चर्चाओं ने माहौल को गरमा दिया है।
