बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ भीषण हिंसा: जलाया गया एक और घर
फरवरी चुनावों से पहले कट्टरपंथियों के निशाने पर हिंदू; चटगांव में लगे धमकी भरे बैनर, अंतरिम सरकार पर उठे सवाल
ढाका/चटगांव। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चटगांव में हाल ही में मिले कुछ बैनरों ने सनसनी फैला दी है, जिनमें फरवरी में होने वाले आगामी चुनावों से पहले 2 लाख से ज्यादा हिंदुओं की हत्या करने की खुलेआम धमकी दी गई है। इन बैनरों के सामने आने के साथ ही धरातल पर हिंसा की घटनाएं भी तेज हो गई हैं, जिससे हिंदू समुदाय में गहरा भय व्याप्त है।
पीरोजपुर में साहा परिवार का घर राख
ताजा हिंसा की घटना 27 दिसंबर को पीरोजपुर के डुमरीटोला गांव में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथी भीड़ ने साहा परिवार के घर को निशाना बनाया। हमलावरों ने कपड़े में पेट्रोल डालकर घर में आग लगा दी, जिससे पांच कमरों वाला पूरा मकान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि यह हमला सुबह के वक्त किया गया जब परिवार के सदस्य सो रहे थे।
तस्लीमा नसरीन ने जताई चिंता
मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने लिखा: “जिहादी हिंदुओं को जिंदा जलाना चाहते हैं, इसीलिए वे तब आग लगाते हैं जब लोग सो रहे होते हैं। चटगांव के राउजान में भी इसी तरह हिंदू घरों को जलाया गया। क्या देश में बचे हुए सभी हिंदू घर इसी तरह जला दिए जाएंगे?” उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वे सिर्फ बांसुरी बजा रहे हैं?
हिंसा के डरावने आंकड़े
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ संगठित हमले बढ़े हैं:
-
2900 से ज्यादा मामले: भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, अगस्त के बाद से अब तक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की 2900 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
-
राउजान में आगजनी: चटगांव के राउजान इलाके में पिछले पांच दिनों के भीतर सात हिंदू परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया है।
-
धमकी भरे संदेश: बंगाली भाषा में लिखे संदेशों में हिंदुओं पर ‘इस्लाम विरोधी गतिविधियों’ का आरोप लगाया गया है और चेतावनी दी गई है कि उनकी संपत्ति और दुकानों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की स्थिति
स्थानीय पुलिस ने बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मौलानाओं से संवाद शुरू किया है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन कट्टरपंथी इस्लामिक भीड़ को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
