फ्लैशबैक 2025: वो 10 विवाद जिन्होंने हिला दी देश की सियासत
1. SIR और घुसपैठियों का मुद्दा
साल की शुरुआत चुनाव आयोग द्वारा कई राज्यों में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया से हुई। बिहार चुनाव के दौरान यह मुद्दा चरम पर रहा। सरकार ने इसे फर्जी वोटरों और घुसपैठियों को हटाने का कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे एक खास वर्ग को निशाना बनाने की साजिश करार दिया।
2. लालू परिवार में बड़ी दरार
बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया। तेज प्रताप की बगावत और नई पार्टी के गठन ने सुर्खियां बटोरीं। वहीं, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की अपने पिता से बढ़ती दूरी ने भी भावनात्मक और राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया।
3. मर्यादा की सीमा और ‘अपशब्द’ विवाद
दरभंगा में राहुल गांधी की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम मोदी की दिवंगत माता के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी ने राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया। भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक पतन’ बताते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और FIR दर्ज कराई।
4. जातिगत जनगणना की गूंज
महाराष्ट्र और बिहार चुनावों के केंद्र में जातिगत जनगणना रही। राहुल गांधी ने हर चुनावी रैली में इसे ‘सामाजिक न्याय’ का सबसे बड़ा हथियार बताया। विपक्ष की इस मांग ने सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया और आरक्षण की राजनीति को एक नई दिशा दी।
5. वक्फ बिल पर रार
केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए लाया गया नया वक्फ बिल साल के सबसे विवादित विधेयकों में से एक रहा। मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताया, जबकि सरकार ने इसे सुधारवादी कदम करार दिया।
6. यूपी में ‘पोस्टर वॉर’: महादेव बनाम मोहम्मद
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ लिखे पोस्टरों ने सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा कर दी। प्रशासन की सख्त कार्रवाई और पोस्टरों को हटाए जाने के फैसले पर विपक्ष ने ‘धार्मिक भेदभाव’ का आरोप लगाया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।
7. राहुल गांधी की ‘दो भारत’ थ्योरी
राहुल गांधी के विदेशी दौरों के दौरान दिए गए बयानों ने एक बार फिर विवाद खड़ा किया। उन्होंने विदेशी मंचों से भारत में ‘दो तरह के नागरिक’ और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने की बात कही। भाजपा ने इसे ‘एंटी-नेशनल नैरेटिव’ और देश की छवि खराब करने वाला बताया।
8. RG Kar केस: केंद्र-राज्य में ‘Cold War’
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना ने पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र को आमने-सामने खड़ा कर दिया। जांच को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र पर संघीय ढांचे पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने राज्य प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।
9. बिहार: हिजाब वीडियो और नीतीश कुमार
एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हिजाब को लेकर विवाद छिड़ गया। विपक्ष ने इसे व्यक्तिगत गरिमा और धार्मिक पहचान से जोड़कर सरकार को जमकर घेरा।
10. मनरेगा का नया अवतार: ‘G राम G’
सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) में बड़े बदलाव करते हुए इसे ‘G राम G’ मॉडल के रूप में पेश किया। विपक्ष ने इस नामकरण और ढांचे में बदलाव को ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर प्रहार बताया। इस मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र में भारी हंगामा देखने को मिला।
