नए साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को, जानें शुभ मुहूर्त, पुण्य काल और स्नान-दान का समय

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Makar Sankranti 2026

नई दिल्ली। नए साल 2026 की पहली बड़ी धार्मिक घटना—मकर संक्रांति—14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार इसी दिन सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस संक्रमण काल को ही मकर संक्रांति कहते हैं। इसे खिचड़ी, उत्तरायण और तिलोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य और गरीबों को दान करते हैं। मान्यता है कि इस तिथि पर किया गया दान अनेक गुना फल देता है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

2026 में मकर संक्रांति कब है?

  • तारीख: 14 जनवरी 2026, बुधवार

  • सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: दोपहर 3:13 बजे

  • संक्रांति का क्षण: 3:13 PM

इसी आधार पर स्नान-दान तथा पर्व से जुड़े सभी कार्य 14 जनवरी को ही किए जाएंगे।

मकर संक्रांति 2026 का पुण्य काल

इस वर्ष मकर संक्रांति पर लगभग 2 घंटे 32 मिनट का पुण्य काल रहेगा।

  • पुण्य काल शुरू: दोपहर 3:13 PM

  • पुण्य काल समाप्त: शाम 5:45 PM

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय स्नान, जप, तप और दान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-दान

मकर संक्रांति के दिन लोग सुबह-सुबह ही पवित्र नदियों में स्नान करने पहुंच जाते हैं।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 AM से 6:21 AM

  • इस समय किया गया तर्पण, अर्घ्य और दान श्रेष्ठ माना जाता है।

स्नान-दान के लिए महा पुण्य काल

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद महा पुण्य काल शुरू होता है, जो संक्रांति के स्नान-दान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

  • महा पुण्य काल: दोपहर 3:13 PM से 5:45 PM

मकर संक्रांति पर 2 शुभ योग भी बनेंगे

2026 की मकर संक्रांति दो बेहद शुभ योगों में पड़ रही है—

1. सर्वार्थ सिद्धि योग

  • शुरू: सुबह 7:15 AM

  • समाप्त: अगले दिन 15 जनवरी, 3:03 AM

2. अमृत सिद्धि योग

  • शुरू: सुबह 7:15 AM

  • समाप्त: 15 जनवरी, 3:03 AM

इन योगों में किया गया दान-धर्म, जप-तप और पूजा विशेष फलदायी माना जाता है।

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