यूपी में घुसपैठियों की पहचान शुरू, नेपाल बॉर्डर और बड़े शहरों में verification तेज
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों की पहचान और सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। रविवार से नेपाल सीमा से सटे इलाकों सहित राज्य के बड़े शहरों में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीमों ने विदेशी नागरिकों की पहचान शुरू कर दी है।
डिटेंशन सेंटर भेजे जाएंगे अवैध रूप से रह रहे लोग
इस अभियान के तहत ऐसे विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, जो बिना वैध दस्तावेज या फर्जी कागजात के राज्य में रह रहे हैं।
जांच के बाद फर्जी दस्तावेजों पर रहने वालों को देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
थानों में किराएदारों का रिकॉर्ड फिर से खंगाला जा रहा
पुलिस ने सभी थानों में:
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किराएदारों के सत्यापन फॉर्म
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पते और पहचान से संबंधित दस्तावेज
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पुराने व नए tenant के रिकॉर्ड
को दोबारा चेक करना शुरू किया है।
UP में बांग्लादेशियों की घुसपैठ बढ़ी, गिरोह सक्रिय
पिछले समय में उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी घुसपैठ में तेज बढ़ोतरी देखी गई है।
जांच में सामने आया है कि:
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कुछ गिरोह बांग्लादेशियों को फर्जी दस्तावेज बनवाकर यूपी में बसाते हैं।
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इसके एवज में मोटी रकम वसूली जाती है।
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इन्हें अधिकतर पश्चिम बंगाल के रास्ते राज्य में प्रवेश कराया जाता है।
पिछले कुछ महीनों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई बांग्लादेशियों को गिरफ्तार भी किया है।
सभी जिलों को निर्देश: निर्दोष परेशान न हों
CM योगी के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने सत्यापन की रफ्तार बढ़ा दी है।
सभी जिलों के SSP और पुलिस कमिश्नरों को निर्देश दिया गया है:
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निर्दोष लोगों को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
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संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।
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फर्जी दस्तावेज का उपयोग करने वालों पर FIR और कानूनी कार्रवाई हो।
