दिल्ली में BS-3 तक के कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक, कटेगा 20,000 का चालान
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बीएस-3 (BS-III) और इससे नीचे की श्रेणी के सभी गैर-Delhi पंजीकृत कमर्शियल मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर आज से प्रतिबंध लागू हो गया है। अब ऐसे ट्रक, टेम्पो और अन्य मालवाहक वाहन दिल्ली की सीमाओं पर ही रोक दिए जाएंगे और उन्हें शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
दिल्ली परिवहन विभाग ने इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 84 विशेष टीमों को सतर्क किया है। इनमें से 46 टीमें दिल्ली की सीमाओं पर तैनात रहेंगी, जबकि बाकी टीमें शहर के भीतर निगरानी करेंगी। टीमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगी।
दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस फैसले की सूचना पहले ही सभी वाहन मालिकों तक पहुंचाई जा चुकी है। परिवहन विभाग ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से डेटा लेकर पड़ोसी राज्यों के उन वाहनों के मालिकों को SMS के जरिए आगाह किया है जिनके पास बीएस-3 या उससे नीचे की श्रेणी के वाहन हैं।
संदेश में साफ कहा गया है कि 1 नवंबर से दिल्ली में प्रवेश वर्जित है, इसलिए वाहन सीमा पर न आएं।
एमसीडी के टोल प्लाजा पर भी परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। जो वाहन गलती से प्रवेश द्वार तक पहुंचेंगे, उनसे टोल शुल्क काटने के बाद उन्हें वहीं से वापस भेजा जाएगा। इसके लिए सभी सीमाओं पर U-turn व्यवस्था की गई है।
अगर कोई बीएस-3 या उससे निचले स्तर का मालवाहक वाहन नियम तोड़कर दिल्ली में प्रवेश करता है, तो 20,000 रुपये का चालान काटा जाएगा। दिल्ली की लगभग 150 सीमाओं पर पुलिस और परिवहन अधिकारी इस नियम के पालन की निगरानी करेंगे।
दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों के जिला अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान में सहयोग के लिए कहा है। उद्देश्य यह है कि सीमा पर कोई अव्यवस्था न हो और दैनिक यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के अनुमान के अनुसार, हर दिन करीब 500 बीएस-3 या उससे पुराने कमर्शियल वाहन दिल्ली में प्रवेश करते हैं। अब इन सभी वाहनों को सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा।
यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आदेश पर उठाया गया है। आयोग ने साफ कहा था कि दिल्ली की हवा में सुधार लाने के लिए पुराने डीज़ल वाहनों पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा —“हमारा मकसद किसी को दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। अगर वाहन सीमा तक पहुंचते हैं तो उन्हें लौटाया जाएगा, ताकि दिल्ली की हवा में सुधार लाया जा सके।”
