निवेशकों 7 दिन के भीतर तीन गुना हो गया पैसा

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इस साल कई ऐसी कंपनियां हैं, जिन्होंने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के जरिए निवेशकों को झटके में मालामाल किया है। ऐसी ही एक कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज भी बन गई है। इस कंपनी ने 7 दिन के भीतर आईपीओ में दांव लगाने वाले निवेशकों की रकम को करीब तीन गुना बढ़ा दिया है।

दरअसल, पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने 21 सितंबर को आईपीओ लॉन्च किया था। 23 सितंबर तक चले इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने निवेशकों को लॉट में शेयर खरीदने का मौका दिया। असल में आईपीओ में शेयर को आप खुदरा नहीं खरीद सकते हैं बल्कि इसके लिए लॉट बुक करना होता है। लॉट बुक होने के साथ ही अकाउंट में पड़ी रकम फ्रीज हो जाती है। इसका आप इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। अगर आईपीओ आपको अलॉट नहीं होता है तो अकाउंट की फ्रीज रकम रिलीज कर दी जाती है।

85 शेयर का लॉट: पारस डिफेंस एंड स्पेस के एक लॉट में 85 शेयर रखे गए थे। इस लॉट की मूल्य सीमा 165-175 रुपये तय की गई थी। मतलब ये हुआ कि लॉट में जितने शेयर हैं उनमें से हर एक की कीमत 165-175 रुपए के बीच तय थी। मैक्सिमम 175 रुपए के हिसाब से पारस डिफेंस के प्रति लॉट की कीमत 14,875 रुपए (175x 85) हो गई थी।

लिस्टेड होने पर तीन गुना मुनाफा: जिन निवेशकों को पारस डिफेंस के आईपीओ का अलॉटमेंट हुआ था, उनकी रकम में करीब तीन गुना का इजाफा हुआ है। आज यानी 1 अक्टूबर को लिस्टेड होने के कुछ ही मिनटों बाद प्रति शेयर भाव 498.75 रुपए तक पहुंच गया। इस हिसाब से प्रति शेयर 323.75 रुपए या 185 फीसदी तक का मुनाफा हुआ है।

कहने का मतलब ये है कि आईपीओ में जिन निवेशकों को एक लॉट भी मिला है, सात दिन के भीतर उनकी 14,875 रुपए की रकम करीब 44 हजार रुपए हो गई है। फिलहाल, पारस डिफेंस के शेयर पर अपर सर्किट लग गया है। ये अपर सर्किट तब लगता है जब खरीदारी ज्यादा होने लगती है। आपको यहां बता दें कि शेयर की लिस्टिंग 475 रुपए पर हुई थी, वहीं कारोबार के पहले दिन शेयर भाव 456 रुपए का लो लेवल भी गया। पारस डिफेंस के मार्केट कैपिटल की बात करें 1,945.13 करोड़ रुपए है।

क्या करती है कंपनी: पारस डिफेंस एंड स्पेस रक्षा और अंतरिक्ष इंजीनियरिंग उत्पादों और समाधानों की एक विस्तृत श्रृंखला के डिजाइन, विकास, निर्माण और परीक्षण के काम में लगी हुई है। इस कंपनी के भविष्य को लेकर एक्सपर्ट आश्वस्त नजर आते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक कंपनी को सरकार की नई ड्रोन पॉलिसी के अलावा डिफेंस सेक्टर में फोकस का फायदा मिल सकता है।

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