चक्रवात अर्नब: यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद भी उसके अवशेषों का असर बना हुआ है। वहीं, दक्षिण अंडमान सागर के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, जिसके 31 अक्टूबर के आसपास और मजबूत होने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के चलते आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
नए मौसमी सिस्टम से बढ़ेगी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब के अवशेषों से बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
इसी बीच दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके 31 अक्टूबर के आसपास अवदाब यानी डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके आगे बढ़ने से दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में बारिश तेज हो सकती है।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
नए मौसमी सिस्टम का असर आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।
हालांकि, नए सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव के साथ बारिश के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी परिवर्तन हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
यूपी और बिहार में भी मौसम का बदलेगा मिजाज
उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादल छाने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। बिहार तथा झारखंड के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल्ली-NCR में बादल और हल्की बारिश के आसार
दिल्ली, नोएडा और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में मौसम में बदलाव के कारण बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ सकता है।
हालांकि, दिल्ली-NCR के प्रत्येक इलाके के लिए भारी बारिश की चेतावनी मान लेना सही नहीं होगा। स्थानीय मौसम का अनुमान और अलर्ट की स्थिति जानने के लिए IMD का ताजा पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
इन राज्यों में भी रखें सावधानी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के कुछ क्षेत्रों में भी आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम खराब होने पर क्या करें?
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- तेज बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों और उफनते नालों से गुजरने से बचें।
- किसानों और यात्रियों को स्थानीय मौसम चेतावनियों के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
- तटीय इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
