ईरान-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के बीच रूस की बड़ी एंट्री
अंतरराष्ट्रीय डेस्क। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूस ने एक बड़ा कदम उठाया है। रूस ने अपना सबसे संवेदनशील और शक्तिशाली एयरबोर्न स्ट्रेटेजिक कमांड एयरक्राफ्ट, Tu-214PU, तेहरान भेज दिया है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह विमान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सीधे निर्देशों के बाद तेहरान पहुंचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मॉस्को-तेहरान के बीच इस तैनाती को क्रेमलिन द्वारा ईरान को दिए जा रहे मजबूत समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों खास है ‘प्रलयकारी’ Tu-214PU विमान?
यह विमान टुपोलेव डिजाइन ब्यूरो का एक खास वेरिएंट है, जो सामान्य यात्री विमान Tu-214 का संशोधित रूप है। इसे ‘उड़ता हुआ कमांड पोस्ट’ (flying command post) कहा जाता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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सुरक्षित संचार: इसमें अत्याधुनिक सुरक्षित संचार प्रणाली, एन्क्रिप्टेड लिंक्स और सैटेलाइट कम्युनिकेशन की सुविधा है, जो परमाणु हमले या बड़े युद्ध के दौरान भी काम कर सकती है।
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अजेय क्षमता: इसे किसी भी मौसम, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और भारी खतरों के माहौल में काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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रफ्तार और रेंज: इसमें 2 शक्तिशाली एवियाडविगेटल PS-90A टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो इसे 850 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्रदान करते हैं। साथ ही, यह विमान 6,500 से 7,000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है।
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मुख्य भूमिका: इस विमान का संचालन ‘रोसिया स्पेशल फ्लाइट स्क्वाड्रन’ करता है, जिसका काम राष्ट्रीय आपातकाल में शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को सुरक्षित रखना और स्थानांतरित करना है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष का बैकग्राउंड
यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए हैं, जिनका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।
जवाब में, ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और ओमान में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी सेना ने अमेरिकी कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करार दिया है।
रूस-ईरान संबंधों का नया अध्याय
जानकारों का अनुमान है कि Tu-214PU की तैनाती का उद्देश्य ईरानी हाई कमांड को अमेरिकी हमलों के दौरान सुरक्षित कमांड और कंट्रोल प्रदान करना हो सकता है। यह विमान रूस और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य, तकनीकी और खुफिया सहयोग को दर्शाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मॉस्को इस संकट की घड़ी में तेहरान को अकेला नहीं छोड़ेगा।
