IAS-IPS कैडर आवंटन नीति: केंद्र सरकार ने जारी किए नए नियम
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने IAS, IPS और भारतीय वन सेवा (IFoS) के अधिकारियों के लिए ‘कैडर आवंटन नीति’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। 2026 से लागू होने वाले इन नए नियमों का सीधा असर भविष्य के नौकरशाहों की पोस्टिंग और उनके करियर पर पड़ेगा।
क्या है नया बदलाव?
अब तक कैडर आवंटन 2017 की ‘जोनल पॉलिसी’ (Zonal Policy) के आधार पर होता था, जिसमें राज्यों को 5 जोन में बांटा गया था। नए बदलावों के तहत सरकार ने आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और संतुलित बनाने के लिए मेरिट और प्रेफरेंस के बीच के तालमेल को बदला है।
मुख्य बदलावों पर एक नजर:
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होम कैडर की प्राथमिकता: नए नियमों के अनुसार, होम कैडर (अपना राज्य) पाने के लिए मेरिट के साथ-साथ राज्य की विशेष रिक्तियों (Vacancies) की गणना के तरीके को बदला गया है।
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जोनल रोटेशन में संशोधन: अब उम्मीदवारों को जोन चुनते समय अधिक विकल्प दिए जाएंगे, लेकिन एक बार आवंटन होने के बाद कैडर बदलने की शर्तें और भी सख़्त कर दी गई हैं।
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आउटसाइडर-इनसाइडर अनुपात: राज्यों में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए ‘इनसाइडर’ (राज्य के मूल निवासी) और ‘आउटसाइडर’ (दूसरे राज्य के अधिकारी) के 1:2 के अनुपात को और अधिक कड़ाई से लागू किया जाएगा।
पुरानी बनाम नई कैडर पॉलिसी: एक तुलना
| विशेषता | पुरानी नीति (2017) | नई नीति (2026) |
| जोनल सिस्टम | 5 जोन में विभाजित। | जोन की सीमाओं का पुनर्गठन। |
| होम कैडर | मेरिट में उच्च स्थान अनिवार्य। | मेरिट + राज्य की विशेष जरूरतें। |
| कैडर स्वैप | शादी या विशेष आधार पर आसान। | अब केवल ‘असाधारण परिस्थितियों’ में। |
| वरीयता (Preference) | सीमित विकल्पों के साथ प्राथमिकता। | अधिक लचीला लेकिन मेरिट आधारित। |
इस बदलाव का क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से उन राज्यों को फायदा होगा जहाँ अधिकारियों की भारी कमी रहती है। अक्सर देखा गया है कि टॉप रैंकर्स केवल कुछ चुनिंदा राज्यों (जैसे AGMUT, महाराष्ट्र या यूपी) को ही प्राथमिकता देते हैं। नई नीति से दूरदराज के राज्यों और पूर्वोत्तर (North-East) को भी उच्च योग्यता वाले अधिकारी मिल सकेंगे।
महत्वपूर्ण नोट: यह नियम 2025-26 के बैच से प्रभावी माने जाएंगे। जो अधिकारी वर्तमान में प्रशिक्षण (Training) में हैं, उन पर पुराने नियम ही लागू होंगे।
अभ्यर्थियों के लिए सलाह
UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को अब मेन्स परीक्षा के बाद भरे जाने वाले DAF (Detailed Application Form) में कैडर प्रेफरेंस भरते समय अधिक सावधानी बरतनी होगी। एक छोटी सी चूक आपको आपके पसंदीदा राज्य से दूर कर सकती है।
