प्रयागराज माघ मेला: मौनी अमावस्या पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

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Mauni Amavasya

प्रयागराज। सनातन धर्म और संस्कृति के सबसे बड़े समागम ‘माघ मेला’ के मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। पवित्र त्रिवेणी संगम के जल में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुँचे हैं।

आस्था का रिकॉर्ड: 4 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान

मेला प्रशासन के अनुसार, पुण्य काल शुरू होने से पहले शनिवार को ही लगभग 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगा ली थी। रविवार को अमावस्या तिथि पर यह संख्या 4 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर है और ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष से पूरा मेला क्षेत्र गुंजायमान है।

चतुर्ग्रही योग का विशेष महत्व

ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार का स्नान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मकर राशि में मंगल, बुध, शुक्र और सूर्य के संचरण से ‘चतुर्ग्रही योग’ बन रहा है। इस दुर्लभ संयोग के कारण श्रद्धालु आध्यात्मिक लाभ के लिए भारी संख्या में दान-पुण्य और स्नान कर रहे हैं।

प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा व्यवस्था

भीड़ के प्रबंधन के लिए पुलिस और प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ पर है:

  • सुरक्षा बल: मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

  • ट्रैफिक व्यवस्था: शहर से लेकर मेला क्षेत्र तक कड़ा ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।

  • पार्किंग: 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं जिनकी क्षमता लगभग 1.30 लाख वाहनों की है।

  • स्वास्थ्य सेवा: प्रत्येक घाट और प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीमें और एंबुलेंस तैनात की गई हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीं शुभकामनाएँ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस महास्नान पर्व की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को मौनी अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने को कहा है।

मेलाधिकारी ऋषि राज ने बताया कि “श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। संगम के घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने और स्नान के बाद निकासी के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है।”

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