मुंबई में रेलवे की 2.5 एकड़ जमीन ने रचा इतिहास: ₹2250 करोड़ की लगी रिकॉर्ड बोली
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के रियल एस्टेट बाजार ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में स्थित रेलवे के मात्र ढाई एकड़ (2.5 Acre) के एक प्लॉट के लिए 2,250 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ बोली लगाई गई है। रेल मंत्रालय के संगठन रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) द्वारा आयोजित इस नीलामी ने भारतीय रियल एस्टेट के इतिहास में लंबी अवधि के पट्टे (Long lease) के लिए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इन्फ्राकॉन सबसे बड़े बिडर
इस प्राइम लोकेशन के प्लॉट को हासिल करने के लिए देश के दिग्गज डेवलपर्स के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। नीलामी में कुल चार बड़े खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया:
| कंपनी का नाम | बोली की राशि (करोड़ में) |
| दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इन्फ्राकॉन | ₹2,250 करोड़ (सबसे ऊंची बोली) |
| सोभा रियलिटी (Sobha Realty) | ₹1,232 करोड़ |
| लोढ़ा ग्रुप (Lodha Group) | ₹1,161 करोड़ |
| आरएमजेड ग्रुप (RMZ Group) | शामिल (राशि स्पष्ट नहीं) |
रिजर्व प्राइस से दो गुना से भी ज्यादा की बोली
हैरानी की बात यह है कि RLDA ने इस प्लॉट के लिए 993 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य (Reserve Price) रखा था। लेकिन ‘दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इन्फ्राकॉन’ की बोली इस बेस प्राइस से 126% ज्यादा रही। यह मुंबई में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जमीन के टुकड़ों के प्रति निवेशकों के जबरदस्त भरोसे को दर्शाता है।
क्यों कीमती है यह जमीन?
रियल एस्टेट जानकारों के अनुसार, महालक्ष्मी इलाका मुंबई के सबसे ‘वेल-कनेक्टेड’ और पॉश इलाकों में गिना जाता है। यहाँ आवासीय और वाणिज्यिक (Commercial) दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स की भारी मांग है। डेवलपर्स को उम्मीद है कि केंद्रीय स्थान पर स्थित इस तैयार-से-विकसित जमीन पर वे प्रीमियम प्रोजेक्ट्स बनाकर भविष्य में मोटा मुनाफा कमा पाएंगे।
सौदे की शर्तें और नियम
-
लीज की अवधि: यह जमीन 99 साल के लंबे पट्टे पर दी जाएगी।
-
पेमेंट स्ट्रक्चर: सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी को शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
-
राजस्व हिस्सेदारी: कुल बोली राशि का भुगतान 8 वर्षों में किया जाएगा, जिसमें से 80% हिस्सा शुरुआती 6 वर्षों में देना होगा।
-
अंतिम चयन: बोली खुलने के बाद अब प्रस्ताव की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता (Technical & Financial Feasibility) की जांच की जाएगी, जिसके बाद विजेता के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
यह सौदा यह साबित करता है कि मंदी की चर्चाओं के बीच भी मुंबई की प्राइम लोकेशंस की जमीन ‘सोने’ के भाव बिक रही है।
