हिंसा छोड़ डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ा पूर्वोत्तर: प्रधानमंत्री मोदी
गुवाहाटी/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक पूर्वोत्तर को विकास से वंचित रखने वाली ताकतों को अब जनता पहचान चुकी है।
ब्रह्मपुत्र की तरह अनवरत है विकास की धारा जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “असम की धरती से मेरा लगाव और यहां की माताओं-बहनों का स्नेह मुझे निरंतर प्रेरित करता है।” उन्होंने असम के विकास की तुलना ब्रह्मपुत्र नदी से करते हुए कहा कि जिस प्रकार इसकी धारा कभी नहीं रुकती, उसी प्रकार भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पहिया निरंतर घूम रहा है। नए एयरपोर्ट टर्मिनल का लोकार्पण इसी संकल्प का एक हिस्सा है।
घुसपैठियों के मुद्दे पर विपक्ष पर प्रहार प्रधानमंत्री ने चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और सुरक्षा पर जोर देते हुए ‘SIR’ (विशेष प्रक्रिया) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि घुसपैठियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा जाए, लेकिन कुछ ‘देशद्रोही’ तत्व अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हिंसा की जगह अब 5G और कनेक्टिविटी पूर्वोत्तर के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए पीएम ने कहा, “एक समय था जब यह क्षेत्र हिंसा और खून-खराबे के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यहां 4G और 5G टेक्नोलॉजी पहुंच चुकी है।” उन्होंने कहा कि जो जिले कभी उग्रवाद से प्रभावित थे, आज वे ‘आकांक्षी जिले’ बनकर उभर रहे हैं और जल्द ही इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।
कांग्रेस पर लगाया उपेक्षा का आरोप पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के एजेंडे में कभी पूर्वोत्तर का विकास था ही नहीं। कांग्रेस की सोच थी कि इस सुदूर क्षेत्र को आधुनिक एयरपोर्ट या हाईवे की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दशकों तक जो गलतियां कीं, मोदी आज एक-एक कर उन्हें सुधार रहा है।”
आसियान देशों का प्रवेश द्वार बनेगा असम ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि असम अब केवल भारत का एक राज्य नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (ASEAN) के लिए भारत का ‘ईस्टर्न गेटवे’ (पूर्वी द्वार) बन रहा है। असम जल्द ही भारत और आसियान देशों के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी का मुख्य सेतु बनेगा।
