तिरुपति लड्डू घी घोटाला: 68 लाख किलो नकली घी से बना प्रसाद
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में चढ़ाए जाने वाले पवित्र लड्डू प्रसाद में नकली घी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच तेज़ हो गई है।
इस सिलसिले में मंदिर बोर्ड के पूर्व प्रमुख और कार्यकारी अधिकारी (EO) रहे ए.वी. धर्म रेड्डी से मंगलवार को विशेष जांच दल (SIT) ने तिरुपति में पूछताछ की।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच
मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित टीम की देखरेख में की जा रही है। जांच के दौरान यह सामने आया कि मंदिर में लड्डू प्रसादम की तैयारी में कथित रूप से मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया था। सूत्रों के अनुसार, “जांच एजेंसी ने पाया कि घी की बड़ी खेपें ऐसी डेयरियों से खरीदी गईं, जिन्होंने दूध या मक्खन की एक बूंद भी नहीं खरीदी थी।”
68 लाख किलोग्राम ‘नकली घी’ — 250 करोड़ का घोटाला
रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 से 2024 के बीच TTD को कुल 68 लाख किलोग्राम नकली घी की सप्लाई दी गई। इसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹250 करोड़ बताई जा रही है। रिमांड रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यह घी उत्तराखंड की एक डेयरी से खरीदा गया था। “घी” वास्तव में ताड़ के तेल, ताड़ की गिरी के तेल और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे रसायनों से बनाया गया था। इसे इस तरह तैयार किया गया कि यह रीचर्ट–मीसल टेस्ट जैसी गुणवत्ता जांच में “शुद्ध घी” जैसा प्रतीत हो।
गुणवत्ता जांच में हेरफेर का आरोप
जांच में यह भी पाया गया कि क्वालिटी कंट्रोल यूनिट में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से टेस्ट रिपोर्ट्स में हेरफेर की गई। इससे “नकली घी” कई साल तक मंदिर की सप्लाई चेन में इस्तेमाल होता रहा।
मुख्य आरोप और गिरफ्तारियाँ
यह घोटाला पूर्व EO ए.वी. धर्म रेड्डी के कार्यकाल के दौरान हुआ बताया जा रहा है। हाल ही में पूर्व अध्यक्ष वाई.वी. सुब्बा रेड्डी के निजी सहायक चिन्ना अप्पन्ना की गिरफ्तारी के बाद मामला और गंभीर हो गया। अप्पन्ना पर अयोग्य डेयरियों को ठेके दिलाने और निविदा प्रक्रिया में हेराफेरी का आरोप है।
SIT का अगला कदम
SIT अब पूरे कमांड चैन (Command Chain) की जिम्मेदारी तय करने में जुटी है — कौन-सा अधिकारी खरीद, जांच और मंजूरी प्रक्रिया में शामिल था। सूत्रों के मुताबिक, “SIT जल्द ही पूर्व अध्यक्ष वाई.वी. सुब्बा रेड्डी को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है।”
पवित्र प्रसाद की ‘पवित्रता’ पर सवाल
तिरुपति लड्डू देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। इसमें मिलावट के आरोपों ने TTD की साख और श्रद्धालुओं के विश्वास को गहरा झटका दिया है। धार्मिक व नागरिक संगठनों ने मांग की है कि “दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मंदिर के खाद्य मानक पारदर्शी बनाए जाएं।”
मुख्य तथ्य एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| जांच एजेंसी | SIT (सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में) |
| मुख्य आरोपी | ए.वी. धर्म रेड्डी (पूर्व EO, TTD) |
| अन्य नाम | वाई.वी. सुब्बा रेड्डी, चिन्ना अप्पन्ना |
| अवधि | 2019–2024 |
| मिलावटी घी की मात्रा | 68 लाख किलोग्राम |
| आर्थिक नुकसान | ₹250 करोड़ (अनुमानित) |
| मुख्य रसायन | ताड़ तेल, ताड़ गिरी तेल, एसिटिक एसिड एस्टर |
