कौन है गैंगस्टर हिमांशु भाऊ? अमेरिका से भारत लाने की तैयारी
नई दिल्ली। भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में शामिल हिमांशु भाऊ को अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। उसके साथ कथित सहयोगी नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया है। दोनों को 22 अक्टूबर को लास वेगास क्षेत्र में अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया। अब हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
हिमांशु भाऊ पर हरियाणा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, अपहरण और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। वह लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की तलाश में था। उसके खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था।
कौन है हिमांशु भाऊ?
हिमांशु भाऊ का वास्तविक नाम हिमांशु रिठोलिया बताया जाता है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिठोली गांव का रहने वाला है। उसका नाम कम उम्र में ही आपराधिक मामलों की जांच के दौरान सामने आया था।
पुलिस के अनुसार, उस पर दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क चलाने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि विदेश में रहते हुए भी वह भारत में अपने कथित सहयोगियों के जरिए नेटवर्क संचालित करता रहा।
हिमांशु भाऊ को हरियाणा और दिल्ली पुलिस की वांछित अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, आपराधिक धमकी और जालसाजी जैसे आरोप शामिल हैं। इन मामलों में आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराधों के बीच अंतर करना जरूरी है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से क्यों है दुश्मनी?
हिमांशु भाऊ का नाम कथित तौर पर नीरज बवाना और अन्य आपराधिक नेटवर्कों से जुड़ा रहा है। रिपोर्टों में उसे लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नेटवर्क का प्रतिद्वंद्वी बताया गया है।
पुलिस और जांच एजेंसियों ने दिल्ली तथा हरियाणा में हुई कई गोलीबारी की घटनाओं और हत्याओं की जांच के दौरान हिमांशु भाऊ के कथित नेटवर्क का नाम लिया है। हालांकि, किसी खास घटना में उसकी भूमिका का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
एल्विश यादव के घर पर फायरिंग सहित कई मामलों में आया नाम
हिमांशु भाऊ के कथित गिरोह का नाम कई चर्चित आपराधिक घटनाओं की जांच में सामने आया है। इनमें दिल्ली में बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या और यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर गोलीबारी की घटना भी शामिल है।
जांच एजेंसियों ने उसके नेटवर्क पर कारोबारियों, बिल्डरों और अन्य लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगने के आरोप लगाए हैं। पुलिस का आरोप है कि गिरोह के सदस्य स्थानीय शूटरों की मदद से वारदातों को अंजाम देते थे।
इन घटनाओं में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय करने के लिए पुलिस जांच, साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण हैं।
फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, हिमांशु भाऊ ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया और भारत से बाहर चला गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उसके विदेश में रहने और वहां से भारत में अपने कथित नेटवर्क के संपर्क में रहने की जांच की गई थी।
इंटरपोल ने अगस्त 2023 में भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का उद्देश्य सदस्य देशों की पुलिस को किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने और लागू कानूनों के तहत उसकी अस्थायी गिरफ्तारी में सहयोग देना है।
ध्यान देने वाली बात: इंटरपोल रेड नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता।
अब भारत कैसे लाया जाएगा?
अमेरिका में हिरासत में लिए जाने के बाद हिमांशु भाऊ को भारत वापस लाने की प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत आगे बढ़ेगी। इसमें अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के बीच समन्वय, आवश्यक दस्तावेज और संबंधित कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।
हरियाणा STF ने अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा है। हालांकि, भारत प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसकी अंतिम समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
भारतीय एजेंसियों के लिए क्यों अहम है यह कार्रवाई?
यदि हिमांशु भाऊ को भारत लाकर संबंधित मामलों में पूछताछ की जाती है, तो जांच एजेंसियों को उसके कथित नेटवर्क, सहयोगियों और लंबित मामलों से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। इससे दिल्ली-NCR और हरियाणा में संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, सबसे अहम घटनाक्रम अमेरिका में उसकी हिरासत और उसे भारत वापस लाने के प्रयास हैं। आगे की कार्रवाई अमेरिकी कानूनी प्रक्रिया और भारतीय एजेंसियों के समन्वय पर निर्भर करेगी।
