Sanchar Nest/Web City पूरा पैसा देने के बाद भी न रजिस्ट्री, न कब्जा!
गाज़ियाबाद। अपने घर का सपना पूरा करने के लिए वर्षों पहले जीवनभर की जमा-पूंजी लगाने वाले Sanchar Nest Sahkari Awas Samiti Ltd., Web City, गाज़ियाबाद के कई फ्लैट खरीदार आज भी रजिस्ट्री, कब्जे, अधूरे निर्माण और अतिरिक्त धनराशि की मांगों को लेकर परेशान करने का आरोप लगा रहे हैं। खरीदारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई सदस्यों ने वर्ष 2016-17 से पहले ही अपने फ्लैट की लगभग पूरी कीमत जमा कर दी थी। इसके बावजूद वर्षों बीत जाने के बाद भी अनेक लोगों को न तो अपने फ्लैट की रजिस्ट्री मिल सकी और न ही कब्जा।
निर्माण की प्रगति से पहले भुगतान लेने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Construction Linked Plan के बावजूद सदस्यों से निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति से काफी पहले भुगतान लिया गया। कई खरीदारों द्वारा फ्लैट की लगभग पूरी या पूरी निर्धारित राशि जमा करने के बावजूद उनकी रजिस्ट्री और कब्जा रोके जाने की बात कही गई है।
खरीदारों का आरोप है कि उन्हें विभिन्न मदों में तय कीमत से करीब 50 प्रतिशत तक अधिक भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत के अनुसार, इसके बाद मूल निर्धारित कीमत का 25 प्रतिशत अतिरिक्त Escalation Charge भी मांगा गया।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने 3 अक्टूबर 2025 के एक पत्र के माध्यम से इस अतिरिक्त मांग को अस्वीकार किया था। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग और समिति का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
₹400 प्रति वर्गफुट के Escalation Charge पर सवाल
शिकायत में दिसंबर 2024 में हुई आमसभा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कथित तौर पर बिना समुचित चर्चा और मतदान के ₹400 प्रति वर्गफुट का Escalation Charge लगाने का निर्णय लिया गया।
खरीदारों का कहना है कि शुल्क जमा नहीं करने वाले सदस्यों की रजिस्ट्री और कब्जा रोके जाने जैसी कार्रवाई की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अब लगभग ₹700 प्रति वर्गफुट की नई वसूली की तैयारी की जा रही है।
इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए खरीदारों ने कहा है कि किसी भी अतिरिक्त शुल्क की वैधता और उसके आधार की स्पष्ट जांच होनी चाहिए।
पुराने सदस्यों के फ्लैट रद्द करने के आरोप
शिकायतकर्ताओं ने कुछ पुराने सदस्यों के फ्लैट रद्द करने और उनकी सदस्यता समाप्त करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में भुगतान वापस किए बिना फ्लैटों को नए खरीदारों को बाजार भाव पर बेचने की कोशिश की गई या बेचा गया।
खरीदारों ने मांग की है कि ऐसे सभी मामलों की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि सदस्यता समाप्त करने और फ्लैट रद्द करने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार अपनाई गई थी या नहीं।
Property Dealers और कमीशन के मामलों की जांच की मांग
शिकायत में फ्लैटों की बिक्री property dealers के माध्यम से किए जाने और 5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। एक फ्लैट की बिक्री में ₹7.8 लाख तक कमीशन दिए जाने के कथित मामले की जांच की मांग की गई है।
इसके साथ ही नकद भुगतान से जुड़े आरोपों की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि फ्लैटों की बिक्री, कमीशन और भुगतान से संबंधित सभी लेन-देन की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
अधूरे निर्माण और खराब गुणवत्ता की शिकायत
जिन खरीदारों को यूनिट आवंटित की गई हैं, उनमें से कई ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में अधूरे निर्माण, खराब finishing, कमजोर दीवारों, टूटी tiles, खराब plumbing और electrical work, seepage तथा agreement में वादा की गई सुविधाएं पूरी नहीं होने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
खरीदारों ने मांग की है कि परियोजना का तकनीकी निरीक्षण किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराया जाए और निर्माण गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
Society के खातों और संपत्तियों की Forensic Audit की मांग
शिकायतकर्ताओं ने Society के वित्तीय लेन-देन की व्यापक forensic audit कराने की भी मांग की है। उनका आरोप है कि सदस्यों से प्राप्त धन, अलग-अलग projects में fund transfer, अनेक bank accounts और Society की संपत्तियों तथा दुकानों से जुड़े वित्तीय मामलों की विस्तृत जांच जरूरी है।
Management Committee के वित्तीय निर्णयों और लेन-देन की भी स्वतंत्र audit कराने की मांग की गई है।
12 जून 2026 के आदेश का भी जिक्र
शिकायत में सबसे गंभीर बात उत्तर प्रदेश आवास विकास विभाग के 12 जून 2026 के एक आदेश को लेकर कही गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस आदेश में परियोजना और Society से जुड़ी अनेक कथित अनियमितताओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
खरीदारों का सवाल है कि यदि सरकारी स्तर पर भी अनियमितताओं को लेकर गंभीर टिप्पणियां या तथ्य सामने आए हैं, तो अब तक प्रभावित खरीदारों को ठोस राहत क्यों नहीं मिल सकी।
खरीदारों की सरकार से मांग
पीड़ित खरीदारों ने सरकार और संबंधित विभागों से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं—
- पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- Society और Project के सभी खातों तथा संपत्तियों की forensic audit हो।
- नियमों के विरुद्ध पाए जाने वाले अतिरिक्त charges पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- जिन खरीदारों ने निर्धारित भुगतान पूरा कर दिया है, उनकी रजिस्ट्री और कब्जा सुनिश्चित कराया जाए।
- अधूरे और खराब निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।
- पुराने सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने और फ्लैट रद्द करने के मामलों की जांच हो।
- दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
खरीदारों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति या एक फ्लैट का विवाद नहीं है, बल्कि उन परिवारों का सवाल है जिन्होंने वर्षों पहले अपने घर के लिए पैसा जमा किया था और आज भी अपने वैध अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है कि वर्षों तक अलग-अलग नामों से अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने से वे आर्थिक और मानसिक दबाव में हैं। उनका कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि रजिस्ट्री, सुरक्षित कब्जा और न्याय चाहिए।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर Sanchar Nest Sahkari Awas Samiti Ltd. और संबंधित अधिकारियों का पक्ष लिया जाना बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
