ईरान को सबसे बड़ा रणनीतिक झटका: सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत
तेहरान/नई दिल्ली | ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपने सुरक्षा प्रमुख और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव अली लारीजानी की मौत की पुष्टि कर दी है। यह पुष्टि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा लारीजानी को एक हमले में मार गिराने के दावे के कुछ घंटों बाद आई है।
ईरान ने ‘शहादत’ की पुष्टि की
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने एक भावुक बयान जारी करते हुए कहा कि “डॉ. अली लारीजानी ने देश की प्रगति और इस्लामी क्रांति के लिए जीवनभर संघर्ष करने के बाद शहादत प्राप्त की है।” लारीजानी को ईरान की रणनीतिक नीतियों का वास्तुकार माना जाता था। उनके साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड के स्वयंसेवी ‘बासिज’ बल के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी की मौत की भी पुष्टि हुई है।
इजरायल का बड़ा सैन्य अभियान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को एक बयान में दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में लारीजानी को निशाना बनाया गया था। नेतन्याहू ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह कमजोर करना है ताकि ईरानी जनता अपने भविष्य का फैसला खुद कर सके।
क्यों अहम थे अली लारीजानी?
28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद से अली लारीजानी ही पर्दे के पीछे से ईरान के युद्ध प्रबंधन (War Management) की कमान संभाल रहे थे।
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प्रभावशाली नेता: वह 2008 से 2020 तक ईरानी संसद के अध्यक्ष रहे थे।
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रणनीतिकार: लारीजानी को एक ‘व्यावहारिक रूढ़िवादी’ नेता माना जाता था, जो विभिन्न राजनीतिक गुटों और अंतरराष्ट्रीय वार्ताकारों के बीच संतुलन बनाने में माहिर थे।
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परमाणु कार्यक्रम: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर होने वाली वार्ताओं में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई के बाद लारीजानी की मौत ईरान के लिए एक “अपूरणीय क्षति” है। नेतृत्व के इस संकट के बीच ईरान की जवाबी कार्रवाई की संभावना ने पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्ध का खतरा और बढ़ा दिया है। तेहरान की सड़कों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और देश में शोक की लहर है।
