पूरे देश में लागू हो उत्तराखंड वाला UCC मॉडल: मोहन भागवत
देहरादून | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। संघ के 100वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की तर्ज पर ही पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए।
उत्तराखंड मॉडल की सराहना
मोहन भागवत ने उत्तराखंड में लागू किए गए UCC मॉडल की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने इस कानून को लाने से पहले जिस तरह से समाज के हर वर्ग से संवाद किया, वह सराहनीय है। भागवत ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस कानून के निर्माण में लगभग 3 लाख लोगों के सुझाव लिए गए, जो इसे एक लोकतांत्रिक और समावेशी प्रक्रिया बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर पूरे देश में UCC लागू होता है, तो वह बहुत अच्छी बात होगी।
संवाद और भरोसे से बढ़ें आगे
कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि UCC का उद्देश्य किसी को डराना या दबाना नहीं, बल्कि समाज को जोड़ना और भेदभाव को खत्म करना होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, “यह कानून किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। इसे पूरे देश में ‘भरोसे, दोस्ती और आपसी संवाद’ के माध्यम से लागू किया जाना चाहिए। सभी समुदायों को विश्वास में लेकर ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।”
भेदभाव मिटाने के लिए आवश्यक
भागवत ने समान नागरिक संहिता को सामाजिक समानता के लिए अनिवार्य बताया। उनके अनुसार, एक देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होने से न केवल भेदभाव खत्म होगा, बल्कि इससे महिलाओं और वंचितों को उनके समान अधिकार भी सुनिश्चित हो सकेंगे।
शताब्दी वर्ष और पूर्व सैनिकों का आह्वान
यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। मोहन भागवत ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और अनुशासन का उपयोग समाज सेवा के कार्यों में करें। उन्होंने कहा कि सैनिक रिटायर होने के बाद भी राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
