राम मंदिर में लागू होगा कॉर्पोरेट मॉडल, CEO के लिए अधिसूचना जारी
अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पेशेवर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंदिर में दान चोरी के मामलों के सामने आने के बाद, 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में प्रशासनिक सुधारों पर मुहर लगी थी। इसी कड़ी में अब सोमवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
नए सीईओ की नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर के प्रशासन में अब एक ‘कॉर्पोरेट मॉडल’ लागू होने जा रहा है, जहां हर स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
आवेदन से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीख और शर्तें:
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अंतिम तिथि: आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई 2026 तय की गई है।
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कार्यकाल: यह नियुक्ति शुरुआती तौर पर 3 साल के लिए होगी, जिसे बाद में परिस्थितियों और कामकाज के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
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आयु सीमा: आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सेवानिवृत्त अधिकारी भी इस पद के लिए पात्र हैं।
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निवास: नियुक्ति के बाद सीईओ को अनिवार्य रूप से अयोध्या में ही रहकर अपना कार्यभार संभालना होगा।
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वेतन और सुविधाएं: फिलहाल आधिकारिक तौर पर वेतन तय नहीं किया गया है, यह योग्य उम्मीदवार के साथ बातचीत (इंटरव्यू) के आधार पर तय होगा।
क्या होनी चाहिए योग्यता?
ट्रस्ट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस गरिमामयी और जिम्मेदार पद के लिए कुछ बेहद खास और सख्त योग्यताएं तय की गई हैं:
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धार्मिक निष्ठा: आवेदक का हिंदू होना और श्रीरामभक्त वैष्णव होना अनिवार्य है।
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शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का न्यूनतम स्नातक (Graduate) होना जरूरी है। साथ ही उसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।
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अनुभव (Experience): किसी सार्वजनिक संगठन, सरकारी विभाग, प्रतिष्ठित संस्था या कंपनी में कम से कम 20 साल का प्रबंधकीय (Managerial) कार्य का अनुभव होना आवश्यक है। यह अनुभव सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा (Accounts), कार्मिक, जनसंपर्क, आईटी, सुरक्षा या विधि (Law) के क्षेत्र में होना चाहिए।
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विशेष वरीयता: जिन उम्मीदवारों के पास पहले से किसी बड़े हिंदू मंदिर के प्रबंधन को संभालने का अनुभव है, उन्हें चयन में प्राथमिकता (Preference) दी जाएगी।
क्या होंगी सीईओ की मुख्य जिम्मेदारियां?
ट्रस्ट के महामंत्री के प्रति उत्तरदायी होते हुए सीईओ के मुख्य दायित्वों में शामिल हैं:
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राम मंदिर के सभी वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को संभालना।
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मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और स्थानीय, प्रांतीय व केंद्रीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित करना।
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देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और उनके संतोष को प्राथमिकता देना।
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समय-समय पर अयोध्या आने वाले वीआईपी मेहमानों और प्रमुख संतों के प्रवास व दर्शन की उचित व्यवस्था करना।
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ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा और नियमानुसार उनका निवेश संभालना।
सरकार का नहीं होगा कोई दखल: नृपेंद्र मिश्रा
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने साफ किया है कि इस प्रशासनिक बदलाव में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। सीईओ की भूमिका, अधिकारों और कार्यप्रणाली का निर्धारण पूरी तरह से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ही करेगा। सीईओ वित्तीय व्यवस्थाओं की भी देखरेख करेंगे और वे अपने कार्यों की सहायता के लिए अपनी टीम या स्टाफ का चुनाव खुद कर सकेंगे, लेकिन अंतिम नियंत्रण ट्रस्ट का ही रहेगा।
इस नई व्यवस्था के तहत मंदिर के दैनिक संचालन को अनुभवी और पेशेवर अधिकारी संभालेंगे, जबकि नीतिगत फैसले ट्रस्ट के पास सुरक्षित रहेंगे। आवेदनों की छंटनी और सीईओ की नियुक्ति के लिए एक 3 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया गया है, जो 18 जुलाई के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार करेगी।
