चक्रवात ‘अर्णव’ का कहर: आंध्र प्रदेश में समुद्र की ऊंची लहरें, तेज हवाओं से उखड़े पेड़
विशाखापत्तनम/अमरावती। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं और भारी बारिश से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के तट से टकराने की प्रक्रिया बुधवार सुबह शुरू हुई। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई तटीय जिलों में तेज हवाएं और भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ इलाकों में सड़क यातायात और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
समुद्र में उठीं ऊंची लहरें, तटीय इलाकों में दहशत
चक्रवात के असर से विशाखापत्तनम सहित कई तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें काफी ऊंची उठती दिखाई दीं। समुद्र में उफान और तेज हवाओं को देखते हुए तटों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
विशाखापत्तनम के आरके बीच पर ऊंची लहरें उठने की खबर है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। मछुआरों को भी समुद्र में नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं।
तेज हवाओं से उखड़े पेड़, सड़कें प्रभावित
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। विशाखापत्तनम और मछलीपट्टनम समेत कुछ क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने से यातायात बाधित होने की खबरें हैं।
कोनासीमा जिले में भी तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली से जुड़े ढांचे क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाने के लिए संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही हैं।
काकीनाडा में जलभराव, राहत कार्य तेज
भारी बारिश के कारण काकीनाडा के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी। कुछ स्थानों पर लोगों के फंसे होने की खबरों के बाद पुलिस और आपातकालीन टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाने की सलाह दी है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं बहाल करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के दौरान हवा की निरंतर गति लगभग 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी।
तटीय क्षेत्रों में समुद्र का जलस्तर सामान्य ज्वार से ऊपर उठने के कारण निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और पड़ोसी ओडिशा में बड़े स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई। प्रभावित इलाकों में चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। चिकित्सा दल, आपदा प्रबंधन कर्मी और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी तैनात की गई हैं।
प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने और जरूरत के अनुसार परिवहन सेवाओं में बदलाव जैसे एहतियाती कदम उठाए हैं। कुछ रेलगाड़ियों और उड़ानों पर भी खराब मौसम का असर पड़ा है।
लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तटों, निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और बिजली के टूटे तारों से दूर रहें। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से बचें। मछुआरे मौसम विभाग की अनुमति मिलने तक समुद्र में न जाएं।
चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं जारी रहने की आशंका है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
