2036 ओलंपिक के लिए भारत की बड़ी तैयारी, 36,441 करोड़ का बजट
मुंबई। भारत ने 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेलों के विकास की दिशा में बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकार ने 2026 से 2031 तक ‘खेलो इंडिया रिवैम्प्ड स्कीम’ के लिए 36,441 करोड़ रुपये के कुल बजट का प्रावधान किया है। इस बढ़े हुए निवेश के साथ भारत ने 2036 ओलंपिक में टॉप-10 में जगह बनाने का लक्ष्य रखा है।
2036 में 30-35 पदकों का लक्ष्य
खेल प्राधिकरण के मुंबई क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2036 ओलंपिक में 12 से 14 स्वर्ण पदक और कुल 30 से 35 पदक जीतना है। इसके बाद 2048 ओलंपिक में भारत को 35-40 स्वर्ण समेत कुल 90-100 पदकों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रतिभाओं की पहचान पर जोर
नई योजना में केवल खेल मैदान और स्टेडियम बनाने पर ही जोर नहीं होगा, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर कोचिंग, खेल विज्ञान और तकनीक को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य स्कूली स्तर से लेकर हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स तक खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत सिस्टम तैयार करना है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए देशव्यापी टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कार्यक्रम की घोषणा की है। इससे भविष्य के लिए खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
खिलाड़ियों को 10 गुना ज्यादा समर्थन
‘खेलो इंडिया रिवैम्प्ड स्कीम’ के तहत 2026-31 के दौरान खिलाड़ियों को मिलने वाले समर्थन में भी बड़ा विस्तार प्रस्तावित है। योजना का कुल खर्च पहले की तुलना में करीब 8 गुना बढ़ाने और सहायता पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या में करीब 10 गुना वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई और महाराष्ट्र पर भी फोकस
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुंबई क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक पांडुरंग चाटे ने कहा कि महाराष्ट्र में खेल प्रतिभाओं की बड़ी संख्या मौजूद है। लक्ष्य है कि स्कूलों और जमीनी स्तर के केंद्रों से लेकर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं तक खिलाड़ियों को सही अवसर उपलब्ध कराए जाएं। मुंबई को एक मजबूत हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ओलंपिक मेडल के साथ मेजबानी की तैयारी
भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश कर रहा है। ऐसे में खेल बजट बढ़ाने और प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से तैयार करने की रणनीति को भारत की दीर्घकालिक ओलंपिक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
भारत की नजर अब सिर्फ ओलंपिक में हिस्सा लेने पर नहीं, बल्कि दुनिया की शीर्ष खेल शक्तियों में शामिल होने पर है। 2036 में टॉप-10 और 30-35 पदकों का लक्ष्य इसी महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है।
