भाजपा ने यूपी जिताने का जिम्मा विनोद तावड़े को सौंपा
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
तावड़े को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब भाजपा उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी संगठन में तावड़े के लंबे अनुभव और चुनावी रणनीति पर उनकी पकड़ को देखते हुए नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
बिहार में दिखा चुके हैं अपना दम
विनोद तावड़े इससे पहले बिहार में भाजपा के प्रभारी रह चुके हैं। वर्ष 2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके कार्यकाल के दौरान भाजपा और एनडीए ने वहां संगठन को मजबूत किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के प्रदर्शन के बाद 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार में भाजपा की सरकार बनने को भी तावड़े की संगठनात्मक भूमिका से जोड़कर देखा गया।
अब पार्टी ने उनके इसी अनुभव को उत्तर प्रदेश में इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
यूपी से पहले से जुड़े रहे हैं तावड़े
विनोद तावड़े के लिए उत्तर प्रदेश पूरी तरह नया मैदान नहीं है। पिछले करीब दो वर्षों से वह अनौपचारिक तौर पर प्रदेश संगठन से जुड़े मामलों को देख रहे थे। भाजपा के संगठन चुनाव में उन्होंने केंद्रीय पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर संगठन से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्ट भी नेतृत्व को दी थी।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा है। महाराष्ट्र के मराठा समुदाय से आने वाले विनोद तावड़े के साथ गुजरात के ओबीसी नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
कई राज्यों के लिए भी चुनावी जिम्मेदारियां
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब और गुजरात के लिए भी नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। पंजाब की जिम्मेदारी सतीश पूनिया को और गुजरात की जिम्मेदारी तरुण चुघ को दी गई है। इन नियुक्तियों को आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विनोद तावड़े के सामने अब उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को लगातार तीसरी जीत दिलाने की बड़ी चुनौती है। बिहार के बाद यूपी में उनकी चुनावी रणनीति और संगठन क्षमता की अगली बड़ी परीक्षा होने जा रही है।
