यूपी में BJP सरकार अंगद के पैर जैसी, कोई हिला नहीं सकता: अमित शाह
लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार की स्थिति रामायण के अंगद के पैर जैसी मजबूत है, जिसे कोई हिला नहीं सकता। शाह ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर सरकार बनाएगी।
अमित शाह के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की चुनावी रणनीति और विपक्ष को दिए गए राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा अगले 30 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बना पाएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता सपा को दोबारा सत्ता में आने का मौका नहीं देगी।
शाह के इस बयान से प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, विधानसभा चुनाव के नतीजे मतदाताओं के फैसले से ही तय होंगे।
राम मंदिर के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
अपने संबोधन में शाह ने अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग का मुद्दा उठाया और भाजपा सरकार द्वारा राम मंदिर निर्माण को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश किया।
शाह ने विपक्ष से सवाल किया कि राम मंदिर के मुद्दे पर उसके रुख को जनता किस तरह देखेगी। उनका यह बयान आगामी चुनावों में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों के महत्व को भी रेखांकित करता है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भी दिया जवाब
विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर अमित शाह ने कहा कि चुनाव में हारने के बाद विपक्ष अंपायर को दोष देने वाली टीम की तरह व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष चाहे तो विशेष सत्र बुलाकर सवाल पूछ सकता है।
शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
यूपी में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान
अमित शाह ने कहा कि यदि भाजपा उत्तर प्रदेश में दोबारा सरकार बनाती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इसे लागू किया जा चुका है।
यह घोषणा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल हो सकती है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों में समान कानूनी प्रावधान लागू करना है। इसके स्वरूप और प्रभाव का निर्धारण संबंधित कानून तथा उसके प्रावधानों से होगा।
2027 के चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा
लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति, संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
भाजपा के सामने 2027 में सत्ता बरकरार रखने की चुनौती होगी। वहीं, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
अमित शाह ने लखनऊ से भाजपा की मजबूती का दावा करते हुए विपक्ष को स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया है। राम मंदिर, वोट चोरी के आरोप, समान नागरिक संहिता और 2027 के विधानसभा चुनाव उनके संबोधन के प्रमुख मुद्दे रहे। अब देखना होगा कि भाजपा इस संदेश को चुनावी समर्थन में कितना बदल पाती है और विपक्ष इसके जवाब में क्या रणनीति अपनाता है।
